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हिमाचल की IAS किरण भड़ाना के पिता राजस्थान में पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की पीट-पीटकर हत्या, सीएम ने जताया शोक

➤ लाहौल-स्पीति की DC किरण भड़ाना के पिता और पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना का निधन

➤ पिता के निधन की खबर मिलने पर किरण भड़ाना सुबह 5 बजे कुल्लू से रवाना हुईं

➤ CM सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने जताया शोक, परिवार के प्रति व्यक्त की संवेदनाएं


शिमला/भरतपुर। हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले की उपायुक्त किरण भड़ाना के पिता और राजस्थान के बयाना विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना (68) की मौत से परिवार में शोक की लहर है। राजस्थान के भरतपुर जिले में क्रेशर प्लांट और खनन लीज से जुड़े पुराने विवाद के दौरान हुए हिंसक संघर्ष में गंभीर रूप से घायल होने के बाद उनकी मौत हो गई। घटना की खबर मिलने के बाद किरण भड़ाना सोमवार सुबह करीब 5 बजे कुल्लू से रवाना हुईं। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने भी पूर्व विधायक के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए किरण भड़ाना और उनके परिवार के प्रति संवेदनाएं जताई हैं।

जानकारी के अनुसार, अतर सिंह भड़ाना रविवार शाम भरतपुर जिले के वैर थाना क्षेत्र के भौंड़ा गांव में स्थित क्रेशर प्लांट पर पहुंचे थे। यहां खनन लीज और रास्ते को लेकर लंबे समय से चला आ रहा विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच हिंसक संघर्ष हो गया। इस दौरान अतर सिंह भड़ाना और उनके सहयोगी गगन शर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। बाद में अतर सिंह को जयपुर के एसएमएस अस्पताल रेफर किया गया, जहां रात करीब 11:30 बजे उनकी मौत हो गई। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

मुख्यमंत्री सुक्खू ने किरण भड़ाना और परिवार के प्रति जताया दुख

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने लाहौल-स्पीति की उपायुक्त किरण भड़ाना के पिता अतर सिंह भड़ाना के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि किरण भड़ाना के पिता के आकस्मिक निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। मुख्यमंत्री ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय में दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दुख की घड़ी में उनकी गहरी संवेदनाएं किरण भड़ाना और पूरे परिवार के साथ हैं। उनके शोक संदेश के बाद हिमाचल प्रदेश में भी इस घटना को लेकर संवेदनाएं व्यक्त की जा रही हैं।

सुबह 5 बजे कुल्लू से रवाना हुईं किरण भड़ाना

किरण भड़ाना हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले में उपायुक्त के पद पर तैनात हैं। पिता के निधन की सूचना मिलने के बाद वह सोमवार सुबह करीब 5 बजे कुल्लू से रवाना हुईं। परिवार के लिए यह बेहद कठिन समय है। अतर सिंह भड़ाना की मौत की खबर से उनके परिजन सदमे में हैं। उनके अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए परिवार के सदस्यों के पहुंचने की तैयारी की जा रही थी।

भौंड़ा गांव में क्रेशर प्लांट विवाद के दौरान हुआ संघर्ष

भरतपुर जिले के वैर थाना क्षेत्र के भौंड़ा गांव में रविवार शाम क्रेशर प्लांट के संचालन को लेकर विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अतर सिंह भड़ाना शाम करीब 6:30 बजे अपनी पत्नी कमलेश भड़ाना की खनन लीज से जुड़े क्रेशर प्लांट पर पहुंचे थे। इसी दौरान ग्रामीणों और संचालक पक्ष के बीच तनाव बढ़ गया।

अतर सिंह की पत्नी कमलेश भड़ाना ने आरोप लगाया कि 70 से 80 लोगों ने उनके पति और अन्य लोगों पर लाठी-पत्थरों से हमला किया। इस घटना में अतर सिंह भड़ाना और उनके सहयोगी गगन शर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को पहले वैर उप जिला अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद अतर सिंह को जयपुर और गगन शर्मा को भरतपुर रेफर किया गया। जयपुर के एसएमएस अस्पताल में उपचार के दौरान अतर सिंह भड़ाना ने दम तोड़ दिया।

चार साल से चल रहा था खनन लीज और रास्ते का विवाद

पुलिस के अनुसार, क्रेशर प्लांट के संचालन को लेकर ग्रामीणों और संचालक पक्ष के बीच करीब चार साल से विवाद चल रहा था। थाना प्रभारी धीरेंद्र सिंह के मुताबिक, ग्रामीणों की ओर से चारागाह भूमि पर अतिक्रमण और अवैध खनन के आरोप लगाए गए थे। खनन लीज तक जाने वाले रास्ते को लेकर भी दोनों पक्षों के बीच विवाद बना हुआ था।

बताया गया है कि ग्रामीण करीब दो साल से इस मुद्दे पर रुक-रुककर धरना-प्रदर्शन कर रहे थे। पिछले एक साल से क्रेशर प्लांट बंद था और अतर सिंह भड़ाना इसे दोबारा चालू कराने का प्रयास कर रहे थे। रविवार को वह इसी सिलसिले में प्लांट पहुंचे थे। इसके बाद विवाद बढ़ गया और मामला हिंसक संघर्ष में बदल गया। पुलिस विवाद की पृष्ठभूमि और घटना के दौरान हुई गतिविधियों की जांच कर रही है।

पत्नी ने पुलिस और प्रशासन पर लगाए आरोप

कमलेश भड़ाना ने आरोप लगाया कि उनकी खनन लीज का कनेक्शन काट दिया गया था और वाटर पंप भी खराब कर दिया गया था। उनका कहना था कि लीज पर जाने वाले लोगों को वहां से भगा दिया जाता था। उन्होंने दावा किया कि इस संबंध में पुलिस और प्रशासन को कई बार जानकारी दी गई, लेकिन समय रहते उचित कार्रवाई नहीं हुई।

कमलेश भड़ाना के अनुसार, रविवार शाम करीब 6:30 से 7 बजे के बीच 70 से 80 लोगों ने उनके पति और अन्य लोगों पर हमला किया। उन्होंने अतर सिंह को गोली लगने का दावा भी किया। हालांकि, वैर उप जिला अस्पताल के डॉक्टर रवि ने प्रारंभिक जांच के आधार पर गोली लगने की बात से इनकार किया था। ऐसे में घटना में फायरिंग हुई थी या नहीं, इसे लेकर पुलिस जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे। फिलहाल, हमले की परिस्थितियों और संबंधित आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

राजस्थान के नेताओं ने जताया शोक, निष्पक्ष जांच की मांग

अतर सिंह भड़ाना की मौत के बाद राजस्थान के कई नेताओं ने दुख व्यक्त किया और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट ने घटना को चिंताजनक बताते हुए उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। कांग्रेस नेता गोविंद सिंह डोटासरा ने भी दोषियों की गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की।

राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने भी पूर्व विधायक के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए परिवार के प्रति संवेदनाएं जताईं। कुछ नेताओं ने घटना को लेकर पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, इन आरोपों और मांगों के बीच घटना की वास्तविक परिस्थितियों का पता पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही चलेगा।

फरीदाबाद के पाली गांव में होगा अंतिम संस्कार

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अतर सिंह भड़ाना का अंतिम संस्कार हरियाणा के फरीदाबाद स्थित उनके पैतृक गांव पाली में किया जाएगा। घटना के बाद परिवार के सदस्य जयपुर में मौजूद थे। उनके बेटे अर्जुन सिंह एसएमएस अस्पताल की मॉर्च्युरी के बाहर थे, जबकि पत्नी कमलेश भड़ाना जयपुर के सर्किट हाउस में मौजूद थीं।

अतर सिंह भड़ाना के निधन से उनके परिवार और परिचितों में शोक है। हिमाचल प्रदेश में प्रशासनिक जिम्मेदारी संभाल रहीं उनकी बेटी किरण भड़ाना के लिए भी यह बेहद कठिन समय है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की हैं। वहीं, राजस्थान पुलिस क्रेशर प्लांट विवाद, हमले में शामिल लोगों और फायरिंग के दावों की जांच में जुटी है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर होगी।